Thursday, January 10, 2013

Passing


With every passing breath of mine
there is only one thing which never passed 
that's the feeling for you
inside my heart.

Monday, September 3, 2012

जुदा हो गए ?

जानते है, की दिन और रात साथ नहीं हैं ,
पर कुछ है उनके बीच जो साथ रखता है

दिन की रात से साँझ,
तो
रात की दिन से भोर,
मुलाकात कराता है

पर आज कल न जाने वो कहाँ खो गए हैं
दिन और रात एक दूजे से जुदा हो गए हैं।

Thursday, July 12, 2012

"ढहरता वक़्त"

सब कहते है वक़्त के साथ घाव भरते जाते है 
यहाँ तो साल पे साल बीत गए  
पर ये क्या ?

ये घाव बढ़ता ही जा रहा ,
वक़्त इसके लिए घटता ही जा रहा 

फूलो की खुशबू इससे मरहम करती ही नहीं,
काँटो की चुभन इससे झटती ही नहीं

वक़्त इसके लिए घटता  ही जा रहा 
ये घाव बढ़ता ही जा रहा..........

Sunday, December 26, 2010

"है"


जब कभी हार जाते है।
और हिम्मत नहीं हो पाती उठने की।

तब,

जो अनकहा है कुछ अनछुए शब्दों में पूछता है
क्या
यही तेरा निशां है ?

......और रूह मे बस कर कह जाता है।

तेरी सासों का चलना परिणाम है
कि
.........
तेरा
दूर तलक मक़ाम है।

Saturday, December 18, 2010

"क्योकि कोई खो गया है"





एक दिन था......
जब उन बर्तनों की चमक दिखा करती थी ।
अब उनमे एक धूल की मोटी परत जमा करती है ।

कभी उनमे स्वादों के मेला हुआ करते थे ।

आज उनमे कुछ अजीब से मंजर दिखा करते है ।

कुछ दुसरे ही लोग उनमे घर बुना करते है ।

और हम ....

एक बूंद से उनमे मोती सजा दिया करते है ।




Friday, August 27, 2010

'खुदी'


खुद को खुदा से जानना है।

खुद को खुदा से पहचानना है।

जिस बात की बरसो तलक थी उलझन।

उससे खुद की खुदाई से पहचानना है........

Saturday, August 7, 2010

'विध्वंशक'


विध्वंशक ,
क्यों
हुआ?
ये चला अब,
न जाने किस ओर ये .....

रोको कोई,
अरे! ये चला ।
लुटने संसार किसका ,
रूह में इसके है, है क्या?
जो
इसे रूहों से जोड़े,
दर्द हो जिसमे समाया,
आग उसमे भर चला ।

अरे! ये चला।
आग उसमे छोड़ के ......
अरे! ये चला।

धोखा था शायद ...
कि
वो चला
एक
अंश को छोड़ पीछे,
है
वो चला ............